नमस्कार, किसान मित्रों! “फसल जानकारी”(Fasal jankari) वेबसाइट में आप सभी किसान भाइयों का हार्दिक स्वागत है। आज के ब्लॉग में, हम आपको मिर्च में वायरस की दवा (leaf curl of chilli) के बारे में सम्पूर्ण जानकारी प्रदान करेंगे। इसमें हम वायरस के बारे में जानकारी ,लक्षण, वायरस के उपाय ,रासायनिक दवाओं के बारे में जानकारी देखेंगे। आप सभी से आग्रह है कि इस महत्वपूर्ण विषय पर हमारे ब्लॉग को पढ़ें और अगर आपको जानकारी अच्छी लगती है तो इसे आपके अन्य मिर्च उत्पादक किसानों के साथ शेयर जरूर करें। चलिए फिर बिना किसी देरी के शुरू करते है…
मिर्च में सबसे प्रमुख रोग वायरस है। यह रोग बेगोमोवायरस इस विषाणु के कारण आता हैं। chilli virus आने के पहले कोई भी वायरीसाइड दवा का उपयोग करेंगे तो अच्छा रहता है। पौधों में वायरस आने के बाद ज्यादा फायदा नहीं होगा। इसके लिए इंसान का एक अच्छा उदाहरण हम दे सकते है। कोरोना वायरस न फैले इस लिए हमने डोज लिया था, यह भी बिलकुल ऐसा ही है। मिर्च में वायरस आने पहले छिड़काव करे थो वायरस फैलेगा नहीं।
मिर्च में मरोड़ रोग के लक्षण | symptoms of leaf curl of chilli –
1. वायरसरस चूसक कीटों के कारण फ़ैल जाता है।
2. और वो हवा , पानी , जमींन , कृषि औजार , नर्सरी के वजह से भी फ़ैल सकता हैं।
3. पौधों के पत्ते ऊपर की तरफ मुरुड जाती है।
4. पतों के ऊपर का हिसा समुंदर की लहरे जैसे दिखता है।
5. और फल एकदम छोटे रहते है।
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मिर्च में वायरस कंट्रोल के उपाय | how to control leaf curl in chilli –
1. वायरस रेजिस्टेंस वैरायटी का उपयोग करें।
2. नर्सरी से निरोगी पौधें लेकर आए।
3. मिट्टी की 1 फिट तक जताई करें ।
4. बार-बार एक ही कुल की फसल न लें जैसे की बैंगन , टोमेटो इत्यदि।
5. नील-पिले ट्रैप या प्रपंच इस्तेमाल कीजिए।
6. १% से ५% तक नीम ऑइल का इस्तेमाल कीजिए।
7. फसल हमेश साफ़ रखे।
मिर्च में वायरस की दवा बताइए | chilli leaf curl virus chemical control –
एक बाद हमेशा ध्यान रखें की हमे किटकनाशक दवा के साथ वायरीसाइड दवा का उपयोग करना बहोत ही जरूरी है। और आप वायरीसाइड के साथ चिलेटेड जिंक-१२% 20 ग्राम या सिलिकॉन २% -25 मिली या छाछ (buttermilk)-75 मिली भी मिला सकते हो।
नाम | कंपनी | संघटक | मात्रा / एकड़ |
ईएम -१ | धानुका | इमामेक्टिन बेंजोएट 5% WG | 80 से 100 ग्राम |
कॉन्फिडोर | बायर | इमिडाक्लोप्रिड 17. 8 % SL | 100 मिली |
अलिका | सिजेंटा | थियामेथोक्साम 12.6% + लैम्ब्डा साइहलोथ्रिन 9.5% ZC | 80 मिली |
अलांटो | बायर | थियाक्लोप्रिड 240 SC | 400 मिली |
ग्रासिया | गोदरेज | फ्लक्समेटामाइड 10% EC | 150 से 200 मिली |
कीफन | पी आई | टोल्फेनपायरैड 15%EC | 400 मिली |
एक्सपोनस | बीएसएफ | ब्रोफ्लानिलाइड 300 GL SC | 34 मिली |
विशेष सुचना –
1. ऊपरी बताई गई दवा को हमेशा कृषि डॉक्टर की सलाह से ही इस्तेमाल करें।
2. हर बार दवा को अदल-बदल कर इस्तेमाल करें।
3. बार-बार एक ही दवा का उपयोग ना करें।
4. छिड़काव करते व्यक्त स्टिकर का उपयोग जरूर करें।
5. छिड़काव हमेशा सुबह 11 से पहले या फिर श्याम को 4 के बाद करें।
सारांश | Conclusion –
दोस्तों, Fasal jankari वेबसाईट की यह जानकारी आपको कैसी लगी? हमे कमेन्ट बॉक्स में जरूर बताए। अगर आपको leaf curl of chilli: मिर्च में वायरस की दवा A to Z जानकारी या लेख पसंद आता है तो इसे आपके अन्य मिर्च उत्पादक किसानों के साथ शेयर जरूर करें। और हमारे ऐसे की अन्य लेख पढ़ने के लिए fasaljankar.com को विज़िट करते रहे। मिलते है अगले एक नए विषय के साथ, तब तक के लिए धन्यवाद🙏
बार- बार पूछे जाने वाले सवाल | FAQ –
1. मिर्च में लीफ कर्ल वायरस कौनसे कीटों के कारण फैलता है?
जवाब – थ्रिप्स,माहू , सफ़ेद मक्खी।
2. खाली किटकनाशक का छिड़काव करके वायरस ठीक होगा क्या?
जवाब – नहीं होगा ,मात्र कीड़े मरेंगे वायरस ठीक नहीं होगा।
3. किटकनाशक छिड़काव के बाद वायरीसाइड का छिड़काव कब करें?
जवाब – २ या ३ दिन के बाद छिड़काव करें।
4. वायरीसाइड के साथ क्या हम छाछ ले सकते है?
जवाब – आप छाछ का उपयोग कर सकते है।
5. किटकनाशक के साथ कौनसी दवा ले सकते है?
जवाब – chelated zn 12 % और स्टीकर (चिपको)ले सकते है।
6. मिर्ची में वायरस की दवा कौन सी है?
जवाब – अलिका,अलांटो,ईएम १,एक्सपोनस इत्यदि।
7. वायरीसाइड कौनसी दवा है?
जवाब – वायरो रेज ,चिली स्पेशल नो वायरस ,वायरो बैन,वायरस जी इत्यादि।
8. लीफ कर्ल वायरस कैसा दिखता है?
जवाब – पतियों की बिच समुंदर जैसी लहरे होती है,और पते ऊपर की तरफ मरोड़ जाते है।
लेखक –
सूर्यकांत इर्लेकर
मू. पो – इर्ले, तालुका – बार्शी, जिल्हा – सोलापूर.
राज्य – महाराष्ट्र. पिन – 413412