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banana diseases

फसल जानकारी (Fasal Jankari) वेबसाईट पे आप सभी का स्वागत है। आज के ब्लॉग में हम जानेंगे केला में झुलसा रोग की दवा (banana diseases) की सम्पूर्ण जानकारी। केले की फसल में झुलसा रोग की दवा, झुलसा रोग के लक्षण, झुलसा रोग का प्रसार कैसे होता हैं? झुलसा रोग नियंत्रण के उपाय के साथ, फसल में नुकसान, रोग के लक्षण और नियंत्रण के स्मार्ट टिप्स।

केले में झुलसा रोग की समस्या | Banana Blight Disease –

1. केला में झुलसा रोग (ब्लैक सिगाटोका) जो कि 1963 में फिजी के Sigatoka घाटी में पहली बार आया था।
2. वह एक पौधिक रोग है जिसने अपने स्थानीय सीमा को छोड़कर दक्षिण-पूर्व एशिया और दक्षिणी प्रशांत क्षेत्रों में विकसित किया।
3. इसका पहला प्रकटीकरण 1972 में हॉन्डुरास में हुआ था।
4. और इसके बाद मध्य मेक्सिको से लेकर बोलीविया और उत्तर-पश्चिमी ब्राजील तक फैला।
5. इसने कैरेबियन बेसिन में भी कब्जा किया, जैसे कि क्यूबा, ​​​​जमैका, डोमिनिकन गणराज्य और दक्षिणी फ्लोरिडा।
6. अफ्रीका में, यह रोग 1973 में जाम्बिया में पहली बार देखा गया।
7. और इसके बाद सहारा के उप-क्षेत्रों में फैल गया।
8. इसका कारण Mycosphaerella fijiensis Morelet नामक कवक है।
9. जो उच्च नमी के स्थानों में उत्पन्न होता है, हवा में फैलता है।
10. और कभी-कभी बारिश और सिंचाई के पानी से भी फैल सकता है।
11. केला में झुलसा रोग का अध्ययन करते समय पाया गया है कि इसे कैवेंडिश और रोबस्टा जैसी किस्मों में अधिकतम प्रभावित होता है।
12. फसल में उर्वरक की कमी दिखाई देती है तो यह रोग ज्यादा फैलता है।
13. इसमें जल निकासी की उचित व्यवस्था का भी महत्वपूर्ण योगदान है।
14. क्योंकि इसकी अच्छी जल निकासी की व्यवस्था न होने पर इस रोग का संक्रमण बढ़ सकता है।

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केले की फसल में झुलसा रोग के लक्षण | Banana Blight Disease Symptoms –

केले की फसल में पत्ती झुलसा रोग (Banana leaf blight disease symptoms) के लक्षण निम्न हैं –

1. केले की फसल में झुलसा रोग के लक्षणों को पहचानना अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।
2. यह रोग पत्तियों पर प्राथमिक रूप से प्रकट होता है, जहां धब्बे बन जाते हैं।
3. इन धब्बों का आकार शुरुआत में हल्का पीला या हरा होता है, जो बाद में भूरे रंग में परिवर्तित होता है।
4. धब्बे लम्बाई और चौड़ाई में बढ़ते हैं, यह धब्बे बड़े होने के बाद विशेष रूप से दिखाई देते हैं।
5. झुलसा रोग के प्रकोप में पत्तियाँ मौसम की अनुकूलता के अनुसार झुलस जाती हैं।
6. प्रभावित पत्तियाँ धब्बों के बढ़ने के साथ सूख जाती हैं।
7. फलों पर भी झुलसा रोग का प्रकोप होता है, जो प्रभावित पत्तियों द्वारा फैलता है।
8. यह रोग फलों के पकने को भी प्रभावित कर सकता है।
9. झुलसा रोग के प्रकोप के बावजूद, फलों के पकने की निश्चितता पर प्रभाव पड़ता है।
10. फलों को अधिक दूर बाजार तक नहीं भेजा जा सकता है, क्योंकि रोग का प्रकोप उन पर भी हो सकता है।
11. झुलसा रोग के प्रकोप का पहला लक्षण होता है पत्तियों पर छोटे छोटे धब्बों का दिखाई देना।
12. यह धब्बे शिराओं के समान्तर होते हैं और रंगबिरंगे होते हैं।
13. धब्बे पत्तियों के सभी भागों पर पाए जा सकते हैं, लेकिन अधिकांशतः ऊपरी पत्तियों पर प्रारंभिक रूप दिखाई देते हैं।
14. झुलसा रोग के बढ़ने पर पत्तियाँ सूखने लगती हैं और धब्बों की संख्या बढ़ती है।
15. रोग के प्रकोप में अधिक गर्म और नम वातावरण में उच्च प्रावधान होती है।

केले की फसल में झुलसा रोग नियंत्रण के उपाय | Banana diseases and treatment –

केले की फसल में झुलसा रोग (banana leaf blight) नियंत्रण के उपाय और प्रतिबंधात्मक योजना निम्न हैं –

1. रोग के प्रकोप स्थल पर इन्फेक्टेड पौधों को सही से पहचानना (banana plant disease) बहुत आवश्यक है ताकि समय पर उपाय किया जा सके।
2. फसल में झुलसा रोग के बढ़ते प्रकोप के कारण किसानों को सतत मॉनिटरिंग करना आवश्यक होता है।
3. धब्बों के बढ़ने के साथ ही पत्तियों की झुलसी हुई दृष्टि और स्वस्थता की निगरानी रखना बहुत महत्वपूर्ण है।
4. झुलसा रोग से प्रभावित पौधों को त्वचा के ऊपर और नीचे दोनों स्थानों पर ध्यानपूर्वक देखना चाहिए।
5. इस रोग के लिए उपयुक्त रोगनाशकों का सही समय पर प्रयोग करना चाहिए ताकि प्रकोप को नियंत्रित किया जा सके।
6. किसानों को झुलसा रोग के प्रति सतर्क रहने के लिए कृषि विशेषज्ञों से सलाह लेना चाहिए।
7. रोग प्रकोप की गहराई और बढ़ने की दर को मापने के लिए उपयुक्त उपकरणों का इस्तेमाल करना चाहिए।
8. समय पर और उचित उपायों के अभ्यास से ही किसान झुलसा रोग से अपनी फसल की सुरक्षा कर सकता है।
9. नियमित रूप से फसल में चेकअप करना और संभावित संकटों को पहले ही पहचानकर नियंत्रित करना चाहिए।
10. केले में झुलसा रोग की समस्या का प्रभाव ज्यादा होते ही कृषि विशेषज्ञ की सलाह तुरंत ले।

केले में झुलसा रोग नियंत्रण की बेस्ट दवा | Best fungicide for banana diseases control –

केले की फसल में पत्ती झुलसा रोग के नियंत्रण के लिए बेस्ट फफूंदनाशी (Best fungicide for banana blight disease) निम्न है –

क्र. प्रोडक्ट का नाम  कंपनी नाम  प्रोडक्ट कंटेंट  उपयोग मात्रा 
साफ़ फफूंदनाशी  यूपीएल कार्बेन्डाजिम 12% और मैन्कोजेब 63% डब्लूपी 400 ग्राम/एकड़ 
2 ब्लू कॉपर फफूंदनाशी क्रिस्टल कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 50% डब्लूपी 400 ग्राम/एकड़ 
3 रिडोमिल गोल्ड फफूंदनाशी सिंजेंटा मेटालैक्सिल 8% + मैनकोजेब 64% डब्ल्यूपी 400 ग्राम/एकड़ 
4 कोनिका फफूंदनाशी  धानुका  कासुगामाइसिन 5% + कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 45% डब्ल्यूपी 400 ग्राम/एकड़ 
5 एपिक फफूंदनाशी  टाटा रैलिस हेक्साकोनाज़ोल 75% डब्लूजी 25 ग्राम/एकड़
6 अजाका डुओ फफूंदनाशी एफएमसी एज़ॉक्सीस्ट्रोबिन 18.2% + डाइफेनोकोनाज़ोल 11.4% एससी 150 मिली/एकड़ 

ध्यान देने योग्य बातें –

1. ऊपरी कवकनाशी का छिड़काव करते समय हमेशा अदल-बदल करें, ताकि पूरी सत्रकर्मिता सुनिश्चित हो सके।
2. एक ही फफूंदनाशी को बार-बार उपयोग नहीं करना चाहिए, इससे रोग प्रतिरोध में कमी आ सकती है।
3. छिड़काव के दौरान स्टिकर या चिपकू का सही तरीके से उपयोग करना चाहिए, जिससे कि कवकनाशी सही स्थान पर पहुंचे।
4. छिड़काव का समय सुबह 11 बजे से पहले या शाम 4 बजे के बाद का चयन करें, ताकि ताजगी और ठंडक में विशेष लाभ हो।
5. छिड़काव करते समय मिटटी में हल्की नमी बनी रहनी चाहिए, जिससे फफूंदनाशी का सही प्रसार हो सके।
6. छिड़काव को कड़ी धूप में नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह कवकनाशी को नष्ट कर सकता है और पौधों को नुकसान पहुंचा सकता है।

Conclusion | सारांश –

आज के ब्लॉग में हमने आप को केला में झुलसा रोग की दवा (banana diseases) की सम्पूर्ण जानकारी दी है, एवं केले में झुलसा रोग की दवा, नियंत्रण के उपाय के साथ, फसल में नुकसान, रोग के लक्षण और नियंत्रण के स्मार्ट टिप्स के बारे में विस्तार से बताया हैं। आशा करते है दी गई जानकरी आप को अच्छी लगी होगी तो आप, अन्य किसानो के पास जरूर शेयर करें, जिससे फसल सम्बंधित समस्या के नियंत्रण के बारें में और किसान फसल समस्या का नियंत्रण आसानी से कर सके।

FAQ | बार – बार पूछे जाने वाले सवाल –

1. केले में कौन कौन से रोग लगते हैं?
जवाब- केले की फसल में मुख्य रूप से लगने वाले रोग सिगाटोका लीफ स्पाट (करपा), पत्ती गुच्छा रोग (बंची टॉप), जड़ गलन और एन्थ्रेकनोज रोग है।

2. मेरे केले के पेड़ पर भूरे धब्बे क्यों होते हैं?
जवाब -फसल में भूरे धब्बे होने का कारन मुख्य रूप से पत्ती धब्बा रोग और झुलसा रोग है।

3. आप केले के पेड़ पर काले धब्बे का इलाज कैसे करते हैं?
जवाब – केले की फसल में रोग नियंत्रण की बेस्ट दवा एफएमसी अजाका डुओ फफूंदनाशी (एज़ॉक्सीस्ट्रोबिन 18.2% + डाइफेनोकोनाज़ोल 11.4% एससी) का 150 मिली प्रति एकड़ अनुसार उपयोग करें।

4. केले की फसल में झुलसा रोग का कारण क्या हैं?
जवाब – केले की फसल में झुलसा रोग का कारण Mycosphaerella fijiensis Morelet नामक फफूंद है।

5. केले की फसल में झुलसा रोग के लक्षण क्या हैं?
जवाब – झुलसा रोग की शुरूआती अवस्था में छोटे छोटे धब्बे दिखाई देते हे और यह धब्बे बाद में बड़ा आकर लेते हे जिससे पत्तिया झुलसी हुई दिखाई देती हैं।

लेखक –
सूर्यकांत कांबळे
मू. पो – इर्ले, तालुका – बार्शी, जिल्हा – सोलापूर.
राज्य – महाराष्ट्र. पिन – 413412


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